Yuva India : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में ‘PRAHAAR–CT Policy and Strategy’ सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विदेशों में मौजूद भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नए Extradition Portal की शुरुआत की।
2019 से 2026 के बीच 288 भगोड़े भारत लाए गए
वर्ष 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 288 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए पोर्टल से विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर होगा और विदेशों से भगोड़ों को वापस लाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। शाह ने राज्य पुलिस बलों से केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए विशेष टीमें गठित करने का भी आह्वान किया।
‘PRAHAAR’ में सात प्रमुख स्तंभ
सम्मेलन में PRAHAAR के सात स्तंभों पर चर्चा हुई। इनमें Prevention, Response, Aggregating Internal Capacities, Human Rights, Attenuating Conditions for Terrorism, Aligning International Efforts तथा Recovery & Resilience शामिल हैं। इसका उद्देश्य आतंकवाद से निपटने के लिए समन्वित और परिणाम-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करना है।
अमित शाह ने इस रणनीति को पुलिस स्टेशन स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने और आतंकवाद-रोधी प्रतिक्रिया व्यवस्था को विभिन्न स्तरों पर संस्थागत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर
गृह मंत्री ने आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े मामलों में विभिन्न सुरक्षा और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। उन्होंने आतंक से जुड़े मामलों का लगातार विश्लेषण करने और अगले 10 वर्षों के लिए एक मजबूत व्यवस्था विकसित करने की बात कही।

