Yuva India: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हाल ही में हुई फायरिंग के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। मुंबई पुलिस की जांच में पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटरों का असली और पहला निशाना सुपरस्टार आमिर खान थे। हालांकि, कुछ खास वजहों और आमिर खान की सुरक्षा आदतों के चलते वे इस हमले से बाल-बाल बच गए।
आमिर खान के घर की हुई थी तीन बार रेकी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले आरोपी मुंबई पहुंचने के बाद लगभग एक महीने तक बांद्रा इलाके में रहे थे। इस दौरान उन्होंने आमिर खान के घर के आसपास करीब तीन बार रेकी (निगरानी) की थी। हमलावरों का मकसद एक बड़े सेलिब्रिटी को निशाना बनाना था, लेकिन आमिर खान के अक्सर शूटिंग के सिलसिले में बाहर रहने और घर से कम निकलने के कारण शूटरों के लिए उन तक पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा था।
ऐसे बदला गया प्लान और टाइगर श्रॉफ बने निशाना
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के आसपास भी रेकी की थी, लेकिन वहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखकर उन्होंने अपना इरादा बदल लिया। इसके अलावा अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार के घरों की भी रेकी की गई थी।
जब आरोपियों को आमिर खान तक पहुंचना कठिन लगा, तो उन्होंने आसान शिकार की तलाश में अपनी योजना बदल दी। एक ऑटो चालक से मिली जानकारी के आधार पर उन्हें पता चला कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार को जुहू के एक फुटबॉल ग्राउंड में खेलने आते हैं और वहां भारी सुरक्षा भी नहीं होती है। इसके बाद हमलावरों ने 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।
अमृतसर से आए थे हथियार, चार आरोपी पुलिस हिरासत में
इस मामले में पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत निवासी कुणाल और सुमित तथा उत्तर प्रदेश की राधा और बबीता समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि फायरिंग में इस्तेमाल होने वाले हथियार लेने के लिए आरोपी अमृतसर गए थे। दो महिलाओं के जरिए ट्रेन से हथियार मुंबई मंगवाए गए और सीधे हमलावरों को सौंपे गए थे। अदालत ने सभी आरोपियों की पुलिस रिमांड 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी है और पुलिस इस पूरे षड्यंत्र के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।
