Yuva India: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि वह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों और रिकॉर्ड्स की पूरी गहराई से जांच करेगा। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह टिप्पणी तब की, जब याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने चुनाव आयोग (ECI) के फैसलों और मतदाता सूची संशोधन से जुड़े रिकॉर्ड्स व निर्णयों को सुरक्षित रखने की मांग की। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “हम सब कुछ जानते हैं, हम इसकी जांच करेंगे।
फॉर्म-6 और एकतरफा फैसलों पर उठे सवाल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से आग्रह किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि चुनाव आयोग के आंतरिक रिकॉर्ड, फाइल नोटिंग्स और फैसले से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रहें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे या नहीं।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद डोला सेन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने चुनाव आयोग द्वारा फॉर्म-6 (Form 6) में कथित बदलाव और उसके बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने अपने हलफनामे में फॉर्म-6 में बदलाव का बचाव करने का प्रयास किया है।
चुनाव आयोग का पक्ष
दूसरी ओर, चुनाव आयोग की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया। चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में यह दावा किया है कि एसआईआर (SIR) से जुड़े सभी आदेश पूरी तरह से सर्वसम्मति से और कानूनी रूप से वैध प्रक्रिया के तहत लिए गए थे। साथ ही, आयोग ने फॉर्म-6 से जुड़े संशोधनों के दावों को भी खारिज किया है।
आगे की कार्यवाही
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को चुनाव आयोग के जवाबी हलफनामे पर अपनी प्रतिक्रिया (रिमाइंडर) दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई नवंबर के मध्य (संभावित 17 नवंबर) में सूचीबद्ध की गई है।
