Yuva India: तूफान ‘अर्नब’ के असर के चलते गुरुवार को देश के 60 प्रतिशत हिस्से में घने बादल छाए रहे। इस चक्रवाती प्रभाव के कारण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, बिहार और झारखंड सहित कई राज्यों में करवा चौथ पर चांद रात 8 बजे तक बादलों के पीछे छिपा रहा।
मौसम विभाग की चेतावनी और नया सिस्टम
स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, कमजोर पड़ा तूफान उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी यूपी की ओर बढ़कर कम दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है। इसके प्रभाव से 30 व 31 अक्टूबर को उत्तर भारत में अच्छी बारिश और पूर्वी यूपी, छत्तीसगढ़ व बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। उधर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार के पास बन रहे नए मौसमी सिस्टम के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा में दोबारा भारी बारिश की आशंका जताई गई है। तूफान के चलते आंध्र प्रदेश में अब तक 6 मौतें हो चुकी हैं।
पहाड़ों पर बर्फबारी और पंजाब में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट
अर्नब के असर के चलते पहाड़ी राज्यों का मौसम भी गुरुवार को पूरी तरह बदल गया। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और सिक्किम तक बर्फबारी दर्ज की गई। केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में सुबह से दोपहर तक अच्छी बर्फबारी हुई। वहीं, पंजाब के कई जिलों में सुबह के समय बारिश हुई। हिमाचल में बर्फबारी के कारण मोहाली, नंगल, होशियारपुर और पठानकोट समेत कई जिलों में ठंडी हवा चलने से ठिठुरन बढ़ गई है। इसके अलावा, पंजाब में शुक्रवार को आंधी-तूफान, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।
पराली जलाने की घटनाओं में 62% की आई कमी
पटियाला से मिली रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में 15 सितंबर से 28 अक्टूबर तक पराली जलाने की 813 घटनाएं दर्ज हुईं, जो पिछले साल की इसी अवधि के 933 मामलों से 120 कम हैं। साल 2024 में इस दौरान 2,137 घटनाएं हुई थीं। 28 अक्टूबर को 96 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 36 तरनतारन में थीं। इसके अलावा, अमृतसर में 163, गुरदासपुर में 56 और कपूरथला में 52 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
