Yuva India: भारत के होटल कारोबार (Hospitality Industry) में निवेश की दिशा तेजी से बदल रही है। अब बड़े महानगरों के बजाय निवेशकों का ध्यान छोटे शहरों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर केंद्रित हो रहा है। वर्ष 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) के आंकड़े बताते हैं कि देश में होटल संपत्तियों में लगे हर 100 रुपये में से 60 रुपये उदयपुर, आगरा और पटना जैसे गैर-मेट्रो शहरों में निवेश किए गए हैं।
3 गुना बढ़ा होटल निवेश, ₹4,722 करोड़ का हुआ सौदा
रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म जेएलएल (JLL) की रिपोर्ट के अनुसार:
- वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1) में 11 बड़े सौदों के जरिए ₹4,722 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया।
- पिछले वर्ष (2025) की इसी अवधि में यह निवेश करीब ₹1,587 करोड़ था, जिसका सीधा मतलब है कि सौदों का मूल्य 3 गुना बढ़ गया है।
- अनुमान है कि पूरे वर्ष 2026 में यह आंकड़ा ₹10,450 करोड़ तक पहुंच जाएगा, जो 2025 के मुकाबले 94% से अधिक की बढ़ोतरी होगी।
छोटे शहरों का दबदबा: 74% नए कमरे यहीं बन रहे
ब्रांडेड होटल कमरे: ब्रांडेड होटलों के लिए कुल 29,360 कमरों के समझौते हुए हैं, जिनमें से 74% हिस्सेदारी छोटे शहरों की है।
मौजूदा होटलों में विस्तार: देशभर के मौजूदा होटलों में 5,048 नए कमरे जुड़े हैं, जिनमें भी छोटे शहरों की हिस्सेदारी 74% ही रही है।
बड़े होटलों के सौदे: 250 से अधिक कमरों वाले बड़े होटलों के 15 सौदे इस छमाही में हुए हैं, जबकि पिछले पूरे साल में ऐसे केवल 5 सौदे ही हो पाए थे।
प्रमुख बाजार: नए विस्तार में ऋषिकेश, जयपुर, पटना और नवी मुंबई जैसे शहर सबसे आगे हैं।
किसने कितना किया निवेश? (इन्वेस्टर शेयर)
डेवलपर्स (Builders): होटल निवेश में डेवलपर्स की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 58% रही।
लिस्टेड होटल कंपनियां: शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियों का योगदान 31% रहा।
अमीर व्यक्ति (HNIs) और फैमिली ऑफिस: रईसों और होटल मालिकों की हिस्सेदारी घटकर मात्र 8.2% रह गई (जो वर्ष 2025 में 54% थी)।
दिवालिया प्रक्रिया (Insolvency) से खरीद में तेजी: पहली छमाही में हुए कुल निवेश का 58% (लगभग ₹2,745 करोड़ / 28.8 करोड़ डॉलर) दिवालिया कानून के तहत संकटग्रस्त संपत्ति (Distressed Assets) खरीदने में खर्च हुआ।
लग्जरी और प्रीमियम होटलों की मांग
- छोटे शहरों में यह निवेश केवल कारोबारी यात्रियों तक सीमित नहीं है।
- कुल निवेश में लग्जरी (Luxury) होटलों का हिस्सा 51% रहा, जिसमें केरल और कुर्ग के रिसॉर्ट्स, मसूरी-नोएडा के लग्जरी होटल तथा उदयपुर-जयपुर की हाई-एंड संपत्तियां शामिल हैं।
- किफायती (Budget) श्रेणी के होटलों को केवल 2% निवेश ही मिल पाया।
छोटे शहरों में क्यों बढ़ रहा है क्रेज?
- घूमने का दायरा बढ़ा: घरेलू पर्यटक अब बड़े शहरों के बजाय स्थानीय संस्कृति, प्रकृति और नए अनुभवों के लिए ऋषिकेश, कुर्ग और उदयपुर जैसे स्थानों का रुख कर रहे हैं।
- बेहतर रिटर्न (ROI): उभरते बाजारों में निवेशकों को प्रॉपर्टी की सही कीमत पर भविष्य की कमाई के आकर्षक सौदे मिल रहे हैं।
- चलते होटलों पर भरोसा: पहले से संचालित होटल खरीदने से निवेशक को शून्य (Zero) से शुरुआत नहीं करनी पड़ती और बना-बनाया ग्राहक आधार मिल जाता है।
