Yuva India: राज्य में नशे के अवैध कारोबार और तस्करी पर नकेल कसने तथा युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए सरकार ने पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके तहत राज्य में ‘संकल्प सोसाइटी’ का गठन किया गया है।
इस सोसाइटी के चेयरमैन मुख्यमंत्री होंगे, जबकि सेवानिवृत्त डीजीपी ओपी सिंह को इसका सीईओ नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव या प्रधान सचिव सोसाइटी के उपाध्यक्ष का पद संभालेंगे।
10 से 35 वर्ष के युवाओं पर रहेगा मुख्य फोकस
सोसाइटी का प्राथमिक उद्देश्य 10 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं को नशे से बचाना और जागरूक करना है:
पाठ्यक्रम में बदलाव: स्कूल, कॉलेज और वोकेशनल कोर्स में ड्रग्स के दुष्प्रभावों, नशे को ना कहने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी शिक्षा को शामिल करने की योजना बनाई गई है।
एंटी-ड्रग क्लब: शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग क्लब और मूल्य आधारित शिक्षा के जरिए छात्रों को जागरूक किया जाएगा।
सोसाइटी के प्रशासनिक सदस्य
विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए कई प्रमुख प्रशासनिक सचिवों को पदेन सदस्य बनाया गया है:
- गृह, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक न्याय
- महिला एवं बाल विकास, शहरी निकाय
- पंचायत और आबकारी विभाग के प्रशासनिक सचिव एवं महानिदेशक।
पहले साल के लिए तय किए गए 3 प्रमुख लक्ष्य
- अपराध दर में कमी: HSNCB के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 के बेसलाइन के मुकाबले 25 साल से कम उम्र के युवाओं पर पहली बार दर्ज होने वाले NDPS मामलों में कमी लाना।
- मजबूत इलाज व्यवस्था: राज्यभर में नशा मुक्ति और परामर्श (काउंसलिंग) केंद्रों की क्षमता बढ़ाना तथा डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए कड़ी निगरानी रखना।
- सर्टिफिकेशन: अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों को ‘नशा मुक्त’ के रूप में प्रमाणित करना।
अब बनेंगे ‘संकल्प-प्रमाणित नशा मुक्त गांव‘
ग्राम एवं वार्ड स्तर पर समिति: जिलों में उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय NCORD समिति ही अब ‘जिला संकल्प समन्वय समिति’ के रूप में काम करेगी।
समुदाय की भागीदारी: पंचायतों, स्थानीय निकायों, युवा क्लबों, धार्मिक गुरुओं और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) को इस अभियान में सक्रिय किया जाएगा।
जब्ती या गिरफ्तारी की शक्ति नहीं: सोसाइटी को गिरफ्तारी या जब्ती का कानूनी अधिकार नहीं होगा; यह खुफिया सूचनाएं साझा करने और एजेंसियों (BSAF, NCB, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) के बीच समन्वय का केंद्र बनेगी।
संकल्प फंड: इस अभियान के संचालन के लिए बजट, CSR और स्वैच्छिक योगदान से ‘संकल्प फंड’ बनाया जाएगा।
नशा तस्करी के मामलों में बढ़ोतरी
जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में वर्ष 2026 में अब तक नशा तस्करी के 2,835 केस दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या 2,161 थी। इसी स्थिति पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने संकल्प सोसाइटी के जरिए कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है।
