Yuva India: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर फैली झूठी अफवाहों और मनगढ़ंत दावों के कारण पंजाब की दो बड़ी प्राइवेट यूनिवर्सिटीज—लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और चितकारा यूनिवर्सिटी—में छात्रों का भारी विरोध-प्रदर्शन और हंगामा देखने को मिला। पंजाब पुलिस की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि हिंसा और विरोध भड़काने वाली इन पोस्ट्स का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं था।
LPU (फगवाड़ा): हॉस्टल की घटना का सच
अफवाह: सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि गर्ल्स हॉस्टल-3 के कमरा नंबर 504 में एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न हुआ है।
पुलिस और प्रशासन का स्पष्टीकरण: जालंधर पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह और विशेष डीजीपी (कानून और व्यवस्था) प्रवीन सिन्हा ने बताया कि अफवाहों के आधार पर बिना किसी औपचारिक शिकायत के रविवार सुबह FIR दर्ज की गई थी।
CCTV फुटेज से खुलासा: जांच में मिले सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ कि हॉस्टल में इलेक्ट्रिशियन मेंटेनेंस के काम से गया था, और उसके साथ फीमेल हॉस्टल वार्डन भी मौजूद थीं। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी वीडियो बयान में रूम नंबर 504 की छात्राओं ने भी किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की बात को पूरी तरह खारिज किया है।
चितकारा यूनिवर्सिटी (राजपुरा): सुसाइड और टोने-टोटके के फर्जी दावे
फर्जी दावे: रेडिट पर पोस्ट कर दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी में कई छात्राओं ने आत्महत्या कर ली है। इसके अलावा एक अन्य पोस्ट में आरोप लगाया गया कि मौतों के बाद तंत्र-मंत्र/झाड़-फूंक के लिए एक पुजारी को परिसर में बुलाया गया।
सच्चाई: पटियाला पुलिस अधिकारी ने इन दावों का खंडन करते हुए बताया कि सीसीटीवी जांच में पाया गया कि वह पुजारी अपनी बेटी से मिलने आए थे, जो उसी यूनिवर्सिटी में पढ़ती है।
साइबर क्राइम सेल की सख्त कार्रवाई
पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम डिवीजन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी खबरें फैलाने वाले 100 से अधिक अकाउंट्स और पोस्ट्स को ब्लॉक/डिलीट करा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन फर्जी थ्रेड्स की शुरुआत कहां से हुई, इसका पता लगाने के लिए डिजिटल फुटप्रिंट्स की गहराई से जांच की जा रही है।
अब तक किसी भी कथित अपराध के संबंध में कोई पीड़ित या शिकायतकर्ता सामने नहीं आया है।
