Yuva India: आम आदमी पार्टी (AAP) को पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। पटियाला जिले के दो मौजूदा विधायकों—समाना से चेतन सिंह जौड़ामाजरा और सनौर से हरमीत सिंह पठानमाजरा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की पुष्टि कर दी है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
टिकट कटने की थी संभावना, पार्टी लंबे समय से बना रही थी दूरी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन दोनों का इस्तीफा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी संगठन में यह चर्चा पिछले एक साल से चल रही थी कि विवादित छवि वाले इन विधायकों को दोबारा टिकट नहीं दिया जाएगा। ऐसे में इनका इस्तीफा महज एक औपचारिकता बनकर रह गया था।
विवादों से रहा पुराना नाता
चेतन सिंह जौड़ामाजरा: जुलाई 2022 में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए उन्होंने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. राज बहादुर को फटे गद्दे पर जबरन लेटाया था, जिसके बाद भारी विरोध के चलते उनसे स्वास्थ्य मंत्रालय वापस ले लिया गया था। इसके बाद पार्टी ने अकाली दल से आए सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज बनाकर साफ कर दिया था कि उनकी दावेदारी खत्म हो चुकी है।
हरमीत सिंह पठानमाजरा: सितंबर 2025 में उन पर दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धमकी जैसे गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। गिरफ्तारी और जेल से रिहाई के बाद उनके तीखे बगावती बयानों को देखते हुए संगठन ने उन्हें दोबारा चुनावी मैदान में उतारने से पहले ही किनारा कर लिया था।
पार्टी नेतृत्व से इनका टकराव पहले से ही चल रहा था, और अब आम आदमी पार्टी की पहली सूची जारी होने के ठीक अगले दिन इन दोनों का इस्तीफा देना राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ लेकर आया है।
