Yuva India: सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वाले बेरोजगार युवाओं को चूना लगाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ‘फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ (FCI) और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर 2.41 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में हरियाणा के 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
ठगों का दुस्साहस इतना था कि उन्होंने पीड़ितों को चकमा देने के लिए बाकायदा परीक्षा आयोजित की, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मेडिकल जांच करवाई और एफसीआई के गोदाम में 3 महीने की ट्रेनिंग तक दे डाली!
फर्जीवाड़े का पूरा जाल: OMR शीट से लेकर तीन महीने की ट्रेनिंग तक
CBI की एफआईआर (FIR) के मुताबिक, जालसाजों ने उम्मीदवारों को पूरी तरह से असली जैसी लगने वाली भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया:
लिखित परीक्षा: पानीपत के सोंधापुर गांव, जींद और फतेहाबाद के केंद्रों में अभ्यर्थियों से OMR शीट पर परीक्षा दिलवाई गई।
अस्पताल में मेडिकल जांच: अभ्यर्थियों का नई दिल्ली स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में फर्जी मेडिकल टेस्ट करवाया गया।
3 महीने की ट्रेनिंग: सिरजा जिले स्थित एक FCI गोदाम में बाकायदा ‘शिक्षकों’ (Trainers) को लगाकर रोज सुबह 10 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक 3 महीने की ट्रेनिंग दी गई।
फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर: प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को जाली नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इसके अलावा फर्जी पुलिस सत्यापन (Police Verification) के लिए उम्मीदवारों के पास कॉल भी करवाए गए।
इस तरह सामने आया मामला
ठगी की इस साजिश का भंडाफोड़ पानीपत के सोंधापुर गांव निवासी संदीप सैनी की शिकायत के बाद हुआ। सैनी ने आरोप लगाया कि उनसे पर्यवेक्षक (Supervisor) के पद के नाम पर 14 लाख रुपये ठगे गए।
पद के हिसाब से वसूली जाने वाली दरें:
सुपरवाइजर पद: ₹14 लाख
क्लर्क (Clerical) पद: ₹12 लाख
चपरासी (Peon) पद: ₹8 लाख
पीड़ित के अनुसार, अगस्त 2023 में उनके एक परिचित ने उनकी मुलाकात कृषण नाम के व्यक्ति से कराई थी, जिसने दावा किया था कि वह आरएसएस (RSS) नेटवर्क और वरिष्ठ नेताओं के जरिए सरकारी नौकरियां दिलवा सकता है। इसके बाद संदीप सैनी और उनके गांव/आस-पास के कई रिश्तेदारों व दोस्तों ने सरकारी नौकरी के झांसे में आकर लाखों रुपये आरोपियों को दे दिए।
CBI ने शुरू की जांच
CBI की एंटी-करप्शन शाखा ने मामले की प्राथमिक जांच के बाद 30 सितंबर को भारतीय दंड संहिता (IPC) की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज (Forgery) और लोक सेवक का भेष धारण करने जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
एजेंसी ने इस फर्जीवाड़े में कम से कम 11 पीड़ित युवाओं की पहचान की है, जिनसे अगस्त 2023 से 2025 के बीच ठगी की गई थी। जांच अधिकारी (CBI सब-इंस्पेक्टर सचिन सिंह) यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस अंतरराज्यीय गिरोह में FCI के कुछ अधिकारी या पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
