15 घंटे में सुलझा मामला, कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए आरोपी; लॉरेंस गैंग से जुड़े नेटवर्क पर भी जांच
Yuva India: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की हत्या की साजिश से जुड़े मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में हरियाणा के सोनीपत के दो मजदूर और बिहार का एक ड्राइवर शामिल हैं। पुलिस ने मामले का खुलासा करीब 15 घंटे के भीतर करने का दावा किया है। आरोप है कि टाइगर श्रॉफ की हत्या के लिए 34 हजार रुपये की सुपारी दी गई थी और आरोपियों को विदेश में होटल खोलने का लालच भी दिया गया था।
आरोपियों की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच बताई गई है। पुलिस ने उन्हें कोटा के रेलवे स्टेशन से पकड़ा। मामले में कथित साजिश, सुपारी की रकम और विदेश में बसाने के वादे को लेकर जांच की जा रही है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच के निष्कर्षों के बाद ही होगी।
कोटा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए आरोपी
रविवार शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने वाले कथित आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। शुरुआती जानकारी के आधार पर पुलिस की टीमें रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में तैनात की गईं।
बताया गया है कि आरोपी कोटा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर निकलने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें स्टेशन पर ही पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद मामले में शामिल लोगों की भूमिका और कथित साजिश के पीछे मौजूद नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई।
सोनीपत के दो मजदूर और बिहार का ड्राइवर शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में सोनीपत के रहने वाले रिंकू उर्फ मुक्का और फूल सिंह शामिल हैं। तीसरे आरोपी की पहचान बिहार के निवासी ऋतिक कुमार के रूप में बताई गई है, जो कथित तौर पर वाहन चलाने का काम करता था।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रिंकू और फूल सिंह मजदूरी करते थे, जबकि ऋतिक कुमार वाहन चलाने से जुड़ा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और आरोपियों को निर्देश किसने दिए थे।
₹34 हजार की सुपारी देने का आरोप
टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने के लिए आरोपियों को 34 हजार रुपये देने का कथित सौदा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, यह मामला लॉरेंस गैंग से जुड़े बताए जा रहे नेटवर्क की जांच के दायरे में है। आरोप है कि गैंग से जुड़े अनिल पंडित ने कथित तौर पर आरोपियों को विदेश में होटल खोलने का ऑफर दिया था।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सुपारी की रकम किस माध्यम से तय हुई, आरोपियों तक निर्देश कैसे पहुंचे और घटना को अंजाम देने के लिए किस तरह की योजना बनाई गई थी। इन पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पहचान छिपाने के लिए बदले कपड़े
आरोपियों ने पुलिस से बचने और पहचान छिपाने के लिए कपड़े बदले थे। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने ट्रेन में ही बाल कटवाए थे। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बाद उनसे पूछताछ शुरू की, ताकि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपियों ने किस रास्ते से यात्रा की, किन लोगों से संपर्क किया और क्या इस मामले में अन्य व्यक्ति भी शामिल थे।
पुलिस की जांच में सामने आएंगे अहम तथ्य
मामले में पुलिस कथित सुपारी, आरोपियों के आपसी संपर्क, यात्रा और संभावित वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट में बताए गए घटनाक्रम के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा कथित साजिश से जुड़े अन्य लोगों तक बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल, मामले में आरोपों और दावों को जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। आरोपियों की दोषसिद्धि का फैसला अदालत करेगी। पुलिस की आगे की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित साजिश किसने रची और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या थी।

