Saturday, 31 Oct 2026
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • भारत
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • स्वास्थ्य
Subscribe
Yuva India
  • होम पेज
  • विशेष
  • फ़ाइनेंस
  • मनोरंजन
  • सोशल-वायरल
    • अपराध-अनहोनी
    • खेल
    • भारत
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • विदेश
    • स्वास्थ्य
  • 🔥
  • अपराध-अनहोनी
  • भारत
  • विशेष
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • राजनीति
  • खेल
  • विदेश
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • सोशल-वायरल
  • मनोरंजन
Yuva IndiaYuva India
  • भारत
  • विदेश
  • राजनीति
  • सोशल-वायरल
  • फ़ाइनेंस
  • स्वास्थ्य
  • खेल
  • मनोरंजन
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
Search
  • Categories
    • विदेश
    • राजनीति
    • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
    • भारत
    • स्वास्थ्य
    • खेल
Follow US
© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
खेलविदेशविशेष

हाइरॉक्स को वर्ल्ड ट्रायथलॉन का साथ, ओलंपिक तक पहुंचने की बढ़ी उम्मीद

Bhawana Vats
Last updated: October 30, 2026 11:11 am
Bhawana Vats
Share
SHARE

हाइरॉक्स को मिली वर्ल्ड ट्रायथलॉन की साझेदारी, ओलंपिक तक पहुंचने की राह हुई आसान; अब 3 फॉर्मेट में होंगे मुकाबले

Contents
2017 में जर्मनी से हुई थी शुरुआत8 किलोमीटर दौड़ और 8 फिटनेस स्टेशन होते हैंअब तीन फॉर्मेट में होंगे मुकाबले177 से ज्यादा राष्ट्रीय फेडरेशन को मिलेगा फायदाओलंपिक और पैरालंपिक तक पहुंचने का लक्ष्य

Yuva India: फिटनेस की दुनिया में तेजी से लोकप्रिय हो रहा हाइरॉक्स (HYROX) अब अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ल्ड ट्रायथलॉन और हाइरॉक्स के बीच रणनीतिक साझेदारी हुई है। इस समझौते के तहत रनिंग और फंक्शनल फिटनेस एक्सरसाइज को मिलाकर तैयार किए गए खेल ‘हाइब्रिड रेसिंग’ को वर्ल्ड ट्रायथलॉन के आधिकारिक खेल ढांचे में मान्यता दी जाएगी। इस साझेदारी से हाइरॉक्स के ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों तक पहुंचने की उम्मीद भी बढ़ी है।

दोनों संगठनों ने 28 अक्टूबर 2026 को इस साझेदारी की घोषणा की। इसके तहत हाइरॉक्स एलीट खिलाड़ियों के लिए हाइब्रिड रेसिंग की आधिकारिक वर्ल्ड, कॉन्टिनेंटल और नेशनल चैंपियनशिप आयोजित करने का काम संभालेगा। वहीं, वर्ल्ड ट्रायथलॉन इस खेल के नियमों और प्रतियोगिता व्यवस्था को नियंत्रित करेगा। हालांकि, ओलंपिक या पैरालंपिक में शामिल होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह दोनों संगठनों का दीर्घकालिक लक्ष्य है।

2017 में जर्मनी से हुई थी शुरुआत

हाइरॉक्स की शुरुआत साल 2017 में जर्मनी में हुई थी। इसे एक ऐसे इंडोर फिटनेस मुकाबले के रूप में तैयार किया गया, जिसमें केवल दौड़ने की गति ही नहीं, बल्कि ताकत, सहनशक्ति और लगातार प्रदर्शन करने की क्षमता भी परखी जाती है। इस खेल में सामान्य फिटनेस पसंद करने वाले लोगों से लेकर पेशेवर एथलीट तक हिस्सा ले सकते हैं।

इसकी खासियत यह है कि प्रतियोगिता का प्रारूप दुनिया के अलग-अलग देशों में लगभग एक जैसा रहता है। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करना आसान होता है। समय के साथ हाइरॉक्स ने कई देशों में लोकप्रियता हासिल की है और अब इसे एक संगठित वैश्विक खेल के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी है।

8 किलोमीटर दौड़ और 8 फिटनेस स्टेशन होते हैं

हाइरॉक्स के पारंपरिक मुकाबले में खिलाड़ी को कुल 8 किलोमीटर दौड़ना होता है। इसमें एक-एक किलोमीटर की दौड़ के बाद एक फिटनेस स्टेशन पूरा करना पड़ता है। इस तरह प्रतियोगी को आठ बार दौड़ और आठ अलग-अलग एक्सरसाइज करनी होती हैं।

इन फिटनेस स्टेशनों में स्की एर्ग, स्लेज पुश, स्लेज पुल, बर्पी ब्रॉड जंप, रोइंग, केटलबेल कैरी, सैंडबैग लंज और वॉल बॉल जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। हर स्टेशन पर खिलाड़ी की अलग-अलग शारीरिक क्षमता की परीक्षा होती है। उदाहरण के तौर पर स्लेज पुश और पुल में ताकत की जरूरत होती है, जबकि रोइंग और दौड़ में सहनशक्ति अहम होती है।

अब तीन फॉर्मेट में होंगे मुकाबले

वर्ल्ड ट्रायथलॉन और हाइरॉक्स की साझेदारी के तहत हाइब्रिड रेसिंग को तीन प्रारूपों में विकसित किया जाएगा।

1. अल्टीमेट (Ultimate): यह मौजूदा हाइरॉक्स प्रतियोगिता जैसा होगा। इसमें आठ किलोमीटर दौड़ और आठ फिटनेस स्टेशन शामिल रहेंगे। एलीट खिलाड़ियों की आधिकारिक वर्ल्ड, कॉन्टिनेंटल और नेशनल चैंपियनशिप इसी फॉर्मेट में आयोजित की जाएंगी।

2. फास्ट (Fast): यह कम समय में ज्यादा तीव्रता वाली चुनौती देने वाला प्रारूप होगा। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को छोटा और तेज मुकाबला उपलब्ध कराना है।

3. अल्ट्रा (Ultra): यह लंबे समय तक प्रदर्शन और सहनशक्ति की परीक्षा लेने वाला प्रारूप होगा। इसमें खिलाड़ियों को ज्यादा अवधि तक अपनी फिटनेस और क्षमता बनाए रखनी होगी।

इन तीनों प्रारूपों के नियम और प्रतियोगिता व्यवस्था वर्ल्ड ट्रायथलॉन और हाइरॉक्स मिलकर विकसित करेंगे। फास्ट और अल्ट्रा के लिए अभी विस्तृत दूरी और एक्सरसाइज संबंधी नियम घोषित नहीं किए गए हैं।

177 से ज्यादा राष्ट्रीय फेडरेशन को मिलेगा फायदा

वर्ल्ड ट्रायथलॉन के नेटवर्क में 177 से अधिक राष्ट्रीय फेडरेशन शामिल हैं। इस साझेदारी के बाद इन फेडरेशन को अपने-अपने देशों में हाइब्रिड रेसिंग प्रतियोगिताएं आयोजित करने का अवसर मिलेगा। वे तीनों फॉर्मेट में मुकाबले करा सकेंगे और एज ग्रुप खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप भी आयोजित कर पाएंगे।

इससे खेल को केवल पेशेवर एथलीटों तक सीमित रखने के बजाय आम फिटनेस प्रेमियों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही अलग-अलग देशों में प्रतियोगिताओं का एक व्यवस्थित ढांचा तैयार होगा।

ओलंपिक और पैरालंपिक तक पहुंचने का लक्ष्य

इस साझेदारी का सबसे अहम उद्देश्य हाइब्रिड रेसिंग को मल्टी-स्पोर्ट्स गेम्स में शामिल कराने की दिशा में काम करना है। इसके बाद दोनों संगठन इसे ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे। हालांकि, इसके लिए अभी कई औपचारिक प्रक्रियाएं और मंजूरियां जरूरी होंगी।

कुल मिलाकर, हाइरॉक्स के लिए यह साझेदारी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे उसे अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं का समर्थन, राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओं का विस्तार और खिलाड़ियों के लिए नए अवसर मिल सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि हाइब्रिड रेसिंग वैश्विक खेल कैलेंडर में अपनी जगह कितनी तेजी से बना पाती है।

TAGGED:2026 Olympicsfitness challengefitness sportshybrid racingHYROXinternational sportsParalympicsSports NewsWorld Triathlonअंतरराष्ट्रीय खेलओलंपिक 2026खेल समाचारपैरालंपिकफिटनेस चैलेंजफिटनेस स्पोर्ट्सवर्ल्ड ट्रायथलॉनहाइब्रिड रेसिंगहाइरॉक्स
Share This Article
Email Copy Link Print
Bhawana Vats
ByBhawana Vats
Follow:
I am Bhawana Vats, a young and aspiring news professional with an interest in covering a wide range of important developments across politics, governance, society, education, business, public affairs, culture, sports and current affairs. Skilled in gathering information from official sources, press releases and credible reports and presenting it in a clear, concise and reader-friendly format. With an eye for emerging stories and issues of public interest, the focus is on accurate, timely and balanced news reporting. The role involves tracking major developments, verifying key information, developing news stories and ensuring that important issues from across the region receive appropriate coverage. The approach combines curiosity, attention to detail and an understanding of what matters to readers, with a commitment to responsible and factual journalism.
Previous Article अर्नब इफेक्ट: देश के 60% हिस्से में बारिश का अनुमान
Next Article हिमालय हिमालय में अंधाधुंध निर्माण से बढ़ा आपदा का खतरा, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your Trusted Source for Accurate and Timely Updates!

Our commitment to accuracy, impartiality, and delivering breaking news as it happens has earned us the trust of a vast audience. Stay ahead with real-time updates on the latest events, trends.
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
LinkedInFollow
MediumFollow
QuoraFollow
Ad image

You Might Also Like

नवी पिल्लई
विशेषविदेश

नवी पिल्लई को मिला 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार, जानें कौन हैं भारतीय मूल की न्यायविद

By Bhawana Vats
विशेषभारत

दिल्ली-NCR और पंजाब समेत कई राज्य प्रदूषण नियंत्रण में पिछड़े, 40-60% लक्ष्य ही पूरे

By Bhawana Vats
खेल

गौतम गंभीर का अजीत अगरकर को भावुक संदेश: बोले- 3 ICC ट्रॉफी, आपके संग काम करना सम्मान की बात

By Khushi Mukhija
भारतविशेष

भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या 111 करोड़ के पार

By Bhawana Vats
Yuva India
Facebook Twitter Youtube Rss Medium

Yuva India News


 एक भरोसेमंद हिंदी न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जहां देश-दुनिया, राजनीति, समाज, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और युवाओं से जुड़े मुद्दों की ताज़ा और उपयोगी खबरें सरल भाषा में प्रस्तुत की जाती हैं। हमारा उद्देश्य है पाठकों तक तेज, स्पष्ट और जिम्मेदार पत्रकारिता पहुंचाना।

Top Categories
  • अपराध-अनहोनी
  • खेल
  • फ़ाइनेंस
  • भारत
  • मनोरंजन
  • राजनीति
  • विज्ञान-टेक्नॉलॉजी
  • विदेश
  • विशेष
  • सोशल-वायरल
  • स्वास्थ्य
Usefull Links
  • Privacy Policy
  • About Us
  • Advertising & Sponsored Content Policy
  • Contact
  • Corrections Policy
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Fact-Checking Policy
  • Terms and Conditions

© Yuva India News Network. All Rights Reserved.

© Amber Media, Panchkula, Haryana. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?