Yuva India: चुनाव आयोग (EC) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच नया मोड़ आ गया है। तीनों चुनाव आयुक्तों के एक साथ आकर आपसी मतभेद की खबरों से इनकार करने के बाद, रविवार को भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने चुनाव आयोग के समर्थन में मोर्चा संभाल लिया। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने प्रदेशों में प्रेस कॉन्फ्रेंस (पत्रकार वार्ता) आयोजित कर विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव आयोग की साख को नुकसान पहुंचाने और जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने मांग की कि आयोग के खिलाफ भ्रम फैलाने वालों को देश से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्रियों ने साधा विपक्ष पर निशाना
रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और पश्चिम बंगाल से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर भ्रम पैदा करने के लिए माफी मांगने की बात कही। वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता के भरोसे को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, उथल-पुथल में भी मिलता है सुकून
इसी बीच राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें उफनते समुद्र में तैरना पसंद है और उथल-पुथल में भी सुकून मिलता है। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब SIR और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। एक ओर विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं भाजपा चुनाव आयोग के कामकाज का बचाव करते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज कर रही है।

