एशियन पैरा गेम्स में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, 114 पदकों के साथ अभियान खत्म; 30 गोल्ड जीतकर बनाया रिकॉर्ड
Yuva India: भारत के पैरा खिलाड़ियों ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इस प्रतियोगिता में भारतीय दल ने कुल 114 पदक जीते, जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। यह एशियन पैरा गेम्स के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने 2023 में चीन के हांगझोऊ में जीते 108 पदकों के अपने पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
168 खिलाड़ियों के दल ने रचा इतिहास
भारत ने इस प्रतियोगिता में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा था, जिसमें 112 पुरुष और 56 महिला खिलाड़ी शामिल थे। भारतीय खिलाड़ियों ने 11 खेलों में हिस्सा लिया और कई स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया। कम खिलाड़ियों के दल के बावजूद भारत ने पदकों की संख्या में नया रिकॉर्ड कायम किया।
भारत ने 30 स्वर्ण पदकों के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। चीन 427 पदकों के साथ पहले, जापान 186 पदकों के साथ दूसरे और उज्बेकिस्तान 145 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
यह प्रदर्शन भारतीय पैरा खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और खिलाड़ियों की मेहनत को दर्शाता है। अलग-अलग खेलों में पदक जीतने से यह भी साबित हुआ कि भारत की सफलता केवल एक खेल तक सीमित नहीं रही।
एक दिन में जीते 9 स्वर्ण पदक
प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। भारत ने एक ही दिन में 9 स्वर्ण पदक जीते, जो इस प्रतियोगिता में देश का सबसे अच्छा एकदिवसीय स्वर्ण प्रदर्शन रहा। एथलेटिक्स के अलावा बैडमिंटन, तीरंदाजी और निशानेबाजी में भी खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक हासिल किए।
इस प्रदर्शन ने भारत की पदक संख्या को 114 तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंतिम दिन की उपलब्धियों में विश्व रिकॉर्ड और गेम्स रिकॉर्ड बनाने वाले प्रदर्शन भी शामिल रहे।
एथलेटिक्स में भारत का दबदबा
भारतीय दल के लिए पैरा-एथलेटिक्स सबसे सफल खेल रहा। इस स्पर्धा में भारत ने कुल 65 पदक जीते, जिनमें 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल थे। इस तरह कुल पदकों में एथलेटिक्स का योगदान सबसे अधिक रहा।
भाला फेंक में पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने 72.46 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसी स्पर्धा में महेंद्र गुर्जर ने रजत और संदीप संजय सरगर ने कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह भारत ने एक ही स्पर्धा में तीनों पदक अपने नाम किए।
पुरुषों की 400 मीटर टी64 दौड़ में संदीप ने 52.28 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता और विश्व रिकॉर्ड बनाया। वहीं, भाला फेंक की एफ37/38 स्पर्धा में हनेई ने 60.49 मीटर के थ्रो के साथ विश्व रिकॉर्ड कायम किया। क्लब थ्रो में प्रणव सूरमा ने 32.87 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
बैडमिंटन और निशानेबाजी में भी चमका भारत
पैरा-बैडमिंटन में भारत ने कुल 16 पदक जीते। इस खेल में नितेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। महिला युगल में तुलसीमति मुरुगेशन और मानसी जोशी की जोड़ी ने भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक संख्या बढ़ाई।
निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था। इस तरह वह प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय खिलाड़ियों में शामिल रहीं।
पिछले रिकॉर्ड से आगे निकला भारत
भारत ने 2023 के एशियन पैरा गेम्स में 108 पदक जीते थे, जिनमें 27 स्वर्ण शामिल थे। इस बार 114 पदकों और 30 स्वर्ण के साथ देश ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया। खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, बैडमिंटन, तीरंदाजी, निशानेबाजी और अन्य खेलों में पदक जीतकर भारत की स्थिति मजबूत की।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की यह उपलब्धि देश में पैरा खेलों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। खिलाड़ियों के रिकॉर्ड प्रदर्शन से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मजबूत होगी।
