Yuva India:देश भर में मानसून 2026 का सफर आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। इस साल मानसून सीजन सामान्य की तुलना में 12.6 फीसदी कम बारिश के साथ दर्ज किया गया है। इसके साथ ही यह पिछले 11 वर्षों में सबसे सूखा मानसून और भारत के इतिहास का 13वां सबसे सूखा सीजन बन गया है।
मौसम विभाग और आंकड़ों के अनुसार, देश के लगभग 43% जिलों में इस बार सामान्य से 20% से 72% तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पंजाब पर पड़ा सबसे ज्यादा असर, कई राज्यों में सूखे जैसे हालात
बारिश की कमी का सबसे अधिक प्रभाव उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में देखा गया।
पंजाब: देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्य रहा, जहाँ सामान्य से 41% कम बारिश दर्ज की गई।
बिहार: यहाँ बारिश में 32% की भारी कमी देखने को मिली।
अन्य प्रभावित राज्य: कर्नाटक (-30.3%), आंध्र प्रदेश (-24.3%), हरियाणा (-23.4%), राजस्थान (-21.8%), तमिलनाडु (-19.7%), महाराष्ट्र (-19.0%), तेलंगाना (-16.9%), गुजरात (-10.1%) और हिमाचल प्रदेश (-10.0%) शामिल हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का रुझान चिंताजनक रहा। अत्यधिक वर्षा के लिए मशहूर मेघालय समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में वर्ष 1901 के बाद से अब तक की सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई। वर्ष 2020 के बाद से इन राज्यों में लगातार मानसून वर्षा में गिरावट देखी जा रही है। इसके विपरीत, पूर्वी भारत में ओडिशा एकमात्र ऐसा राज्य रहा जहाँ सामान्य से 30% अधिक बारिश हुई।
अल नीनो के बावजूद अंतिम दिनों में हुआ सुधार
सितंबर की शुरुआत में जिस तरह के भयंकर सूखे की आशंका जताई जा रही थी, मानसून के अंतिम हफ्ते में हुई बारिश ने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया। 19 सितंबर से मानसून की विदाई शुरू होने से ठीक पहले तक देश में 15% बारिश की कमी थी। हालांकि, सितंबर के आखिरी सप्ताह में सामान्य से 50% अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कुल कमी घटकर 12.6% पर आ गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडियन ओशन डिपोल (IOD) सूचकांक के 0.76 के साथ पॉजिटिव जोन में पहुँचने से अल नीनो के प्रतिकूल प्रभावों में कमी आई, जिससे स्थिति उतनी खराब नहीं हुई जितनी आशंका थी।
हरियाणा का हाल: 26 वर्षों में 15वीं बार कम बारिश
हरियाणा में 1 जून से 30 सितंबर के दौरान कुल 322.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 23.4% कम है। अकेले सितंबर महीने की बात करें तो 43.5 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 44% कम है। पिछले 26 वर्षों में यह 15वां मौका है जब राज्य में सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश हुई है।
आईएमडी चंडीगढ़ के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और बारिश के कोई आसार नहीं हैं।
मानसून की विदाई और आगे का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। 10 अक्टूबर तक देश के सभी राज्यों से दक्षिण-पश्चिमी मानसून की वापसी पूरी होने की संभावना है।
इसके बाद, 15 अक्टूबर से दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तर-पूर्वी मानसून (नॉट-ईस्ट मानसून) दस्तक दे सकता है। अक्टूबर से दिसंबर के बीच सामान्य बारिश का अनुमान है, हालांकि अक्टूबर महीने में सामान्य से कम बारिश रहने की संभावना जताई गई है।
