Yuva India: देश में कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को दावा किया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने INDIA गठबंधन के नेताओं की बात सुनी और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को स्वीकार किया। विपक्षी गठबंधन के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति से मुलाकात कर चुनाव प्रक्रिया, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी चिंताएं रखीं।
बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मिलकर भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की है। राहुल गांधी के ये आरोप राजनीतिक विवाद का हिस्सा हैं और विपक्ष ने ज्ञापन में चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच तथा सुधारों की मांग की है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी का बयान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ करीब एक घंटे चली बैठक के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष ने राष्ट्रपति के सामने अपनी बात स्पष्ट रूप से रखी। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने विपक्ष की बातों को सुना और उनसे अपने आरोपों के प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति को चुनाव में कथित वोट चोरी से संबंधित सबूत उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा और भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करेगा।
विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।
EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में INDIA गठबंधन ने भविष्य के चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाई। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के विधानसभा और लोकसभा चुनावों में कथित अनियमितताओं के सवाल सामने आए हैं।
ज्ञापन में विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता बताई। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए तथा शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।
हालांकि, EVM में गड़बड़ी और चुनाव में वोट चोरी से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं। इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। चुनाव प्रक्रिया से जुड़े किसी भी निष्कर्ष के लिए संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों का मूल्यांकन जरूरी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
INDIA गठबंधन ने ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग की।
ज्ञापन में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को तत्काल निलंबित करने की मांग भी शामिल बताई गई। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने से उनके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है।
विपक्षी नेताओं ने कथित तौर पर हटाए गए करीब 11.30 करोड़ मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग रखी। इस आंकड़े और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित चुनावी रिकॉर्ड और निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों को देखना आवश्यक है।
इसके अलावा, गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों को निरस्त करने की मांग भी उठाई। विपक्ष का तर्क है कि चुनाव आयोग की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
मल्लिकार्जुन खड़गे और ममता बनर्जी ने भी उठाए सवाल
राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के नेता राजीव राय, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के नेता टी. थिरुमावलवन, माकपा महासचिव एमए बेबी और भाकपा के नेता डी. राजा सहित अन्य विपक्षी नेता शामिल थे।
बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि INDIA गठबंधन एकजुट और मजबूत है तथा राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत सकारात्मक रही। विपक्षी नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा होनी चाहिए।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर बढ़ा राजनीतिक टकराव
वोट चोरी, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और EVM को लेकर विपक्ष की मांगों ने केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। INDIA गठबंधन इन मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद अब न्यायपालिका का रुख करने की तैयारी में है।
विपक्ष की प्रमुख मांगों में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना, मतदाता सूची से कथित रूप से हटाए गए नामों की समीक्षा, SIR पर रोक, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और भविष्य में बैलेट पेपर से चुनाव कराने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही
जरूरी है, जबकि लगाए गए आरोपों की सच्चाई का निर्धारण तथ्यों, साक्ष्यों और संबंधित संस्थाओं की प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
