चांदी की कीमत 3.8 लाख रुपये के उच्चतम स्तर से घटकर करीब 1.99 लाख रुपये पर पहुंची, मजबूत डॉलर और अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की चिंता से कीमती धातुओं पर दबाव
Yuva India: सोने और चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पिछले साल तेजी से बढ़ने के बाद चांदी के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 1.8 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। वहीं, सोना भी अपने उच्चतम स्तर से हजारों रुपये नीचे आ गया है। कीमतों में इस बदलाव से त्योहारों के मौसम में सोने-चांदी की खरीदारी करने वाले लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
22 अक्टूबर 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चांदी का भाव घटकर 1,99,777 रुपये प्रति किलो रह गया। पिछले साल 8 अक्टूबर को इसका भाव करीब 1.52 लाख रुपये प्रति किलो था, जबकि 28 जनवरी 2026 तक कीमत बढ़कर लगभग 3.8 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई थी। इसके बाद बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिली।
10 महीने में चांदी के भाव में बड़ी गिरावट
चांदी ने पिछले साल अक्टूबर से जनवरी 2026 के बीच तेजी से बढ़त दर्ज की थी। इसके बाद कीमतों में उतार-चढ़ाव के साथ गिरावट का दौर शुरू हुआ।
चांदी की कीमतों में प्रमुख बदलाव इस प्रकार रहे:
- 8 अक्टूबर 2025: 1,52,700 रुपये प्रति किलो
- 18 दिसंबर 2025: 2,01,120 रुपये प्रति किलो
- 12 जनवरी 2026: 2,56,776 रुपये प्रति किलो
- 20 जनवरी 2026: 3,09,345 रुपये प्रति किलो
- 28 जनवरी 2026: 3,58,267 रुपये प्रति किलो
- 29 जनवरी 2026: 3,79,988 रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर
- 30 जनवरी 2026: 3,39,350 रुपये प्रति किलो
- 1 फरवरी 2026: 2,65,751 रुपये प्रति किलो
- 6 फरवरी 2026: 2,44,929 रुपये प्रति किलो
- 22 अक्टूबर 2026: 1,99,777 रुपये प्रति किलो
इन आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी के रिकॉर्ड भाव से चांदी करीब 1,80,211 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। यह लगभग 47.43 प्रतिशत की गिरावट है। वहीं, पिछले साल 8 अक्टूबर के भाव की तुलना में चांदी अब भी महंगी है।
सोना भी रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे
चांदी के साथ सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। 22 अक्टूबर को 24 कैरेट सोना 1,411 रुपये यानी करीब 0.98 प्रतिशत गिरकर 1,42,694 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 22 कैरेट सोना 1,292 रुपये सस्ता होकर 1,30,708 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा।
29 जनवरी 2026 को 24 कैरेट सोने का रिकॉर्ड भाव मौजूदा कीमत से 32,646 रुपये अधिक था। इस हिसाब से सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 18.62 प्रतिशत नीचे आ चुका है। हालांकि, पिछले साल के अंतिम भाव की तुलना में सोने में अब भी बढ़त बनी हुई है।
आखिर क्यों गिर रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियां अहम भूमिका निभा रही हैं। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका से सोने और चांदी पर दबाव बढ़ा है। ब्याज दरें ऊंची रहने पर निवेशकों के लिए ब्याज देने वाली संपत्तियां अधिक आकर्षक हो सकती हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग प्रभावित होती है।
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित करती है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे पड़ सकते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मांग पर असर पड़ता है।
औद्योगिक मांग में सीमित बढ़ोतरी भी चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। चांदी का इस्तेमाल आभूषणों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। यदि उद्योगों की मांग उम्मीद से कम रहती है, तो कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
क्या अभी सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान सोने-चांदी की खरीदारी करने वालों के लिए मौजूदा गिरावट राहत का अवसर हो सकती है। घरेलू त्योहारों की मांग बढ़ने से बाजार को सहारा मिल सकता है। हालांकि, अमेरिका में ब्याज दरों और डॉलर की चाल को लेकर अनिश्चितता के कारण कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव संभव है।
निवेशकों को केवल हालिया गिरावट देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं करना चाहिए। यदि खरीदारी निवेश के उद्देश्य से की जा रही है, तो अपनी जरूरत, जोखिम सहने की क्षमता और निवेश की अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।
कुल मिलाकर, चांदी और सोने की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार का रुख बदल दिया है। आने वाले दिनों में इनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों और त्योहारों की मांग पर निर्भर करेंगी।

