Yuva India: अमरीका-ईरान तनाव और यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच होर्मुज की खाड़ी (Strait of Hormuz) तथा ब्लैक सी (काला सागर) के समुद्री मार्गों पर भारतीय नाविकों के लिए जोखिम लगातार बढ़ता जा रहा है। बीतें 48 घंटों में इन क्षेत्रों से गुजर रहे भारतीय चालक दल (क्रू) वाले 3 जहाजों पर घातक हमले हुए हैं, जिनमें कम से कम 11 भारतीय नाविक घायल हो गए हैं।
इसके बावजूद, अत्यधिक कमाई के लालच में नाविक अपनी जान जोखिम में डालकर इन युद्ध-ग्रस्त रूटों पर जाने को तैयार हैं।
1 फेरे में सालभर की कमाई का आकर्षण
मौजूदा युद्ध के हालातों और समुद्री खतरों के कारण जहाजों के किराए और नाविकों के वेतन में भारी बढ़ोतरी हुई है:
भारी वेतन पैकेज: जहाजों पर तेल संभालने वाले कनिष्ठ कर्मचारियों और प्रशिक्षु नाविकों को 1 फेरे के लिए 22 लाख रुपये तक का भुगतान मिल रहा है, जो उनके सामान्य 1 साल से भी ज्यादा के वेतन के बराबर है।
2 से 3 गुना वेतन: युद्ध क्षेत्रों में सफर करने वाले नाविकों को उनके सामान्य मासिक वेतन से 2 से 3 गुना तक अधिक डेंजर अलाउंस दिया जा रहा है। इसी भारी रकम के लालच में भारत, फिलीपींस और चीन के नाविक इन जोखिमों को उठाने के लिए तैयार हो रहे हैं।
5 गुना बढ़ा मालभाड़ा: फारस की खाड़ी से चीन तक तेल ले जाने वाले टैंकर का दैनिक किराया जो युद्ध से पहले 2.1 करोड़ रुपये प्रतिदिन था, वह बढ़कर 10.6 करोड़ रुपये प्रतिदिन से ज्यादा हो गया है।
हालिया हमले और यूक्रेन ड्रोन स्ट्राइक
5 अक्टूबर: काला सागर में ‘एमवी रॉयड’ (MV Royd) जहाज पर रूसी हमला हुआ, जिसमें मौजूद 3 भारतीय नाविकों में से 1 घायल हो गया।
6 अक्टूबर: लाइबेरिया के झंडे वाले ‘अफ़्रामैक्स रियॉ’ पर यूक्रेनी ड्रोन हमला हुआ, जहां से 23 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाया गया।
हताहत आंकड़े: होर्मुज और काला सागर क्षेत्र में अब तक कम से कम 11 भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है। वहीं, होर्मुज में हुए 93 हमलों में अब तक कुल 22 लोग मारे गए हैं।
जीपीएस बंद और अंधेरे में सफर
जोखिम भरे इन क्षेत्रों से गुजरने वाले एक नाविक ने बताया कि जहाजों को हमलों और रडार की नज़र से बचाने के लिए रात में लाइटें पूरी तरह बुझा दी जाती हैं। घंटों तक जीपीएस (GPS) सिग्नल नहीं मिलते और रडार की मदद से तटीय दूरी का अंदाज़ा लगाकर जहाजों को आगे बढ़ाया जाता है। इस भीषण मानसिक तनाव के कारण एक चक्कर पूरा करने के बाद लगभग आधे कर्मचारी अपनी नौकरी छोड़ देते हैं।
भारत का वैश्विक समुद्री श्रमबल में योगदान
दुनियाभर में कुल 3.11 लाख (12.16%) नाविक हैं, जिनमें भारत का योगदान दूसरा सबसे बड़ा है। हर 8 नाविकों में से 1 नाविक भारतीय है।
शांति के लिए भारत का तीन सूत्रीय प्रस्ताव
वैश्विक तनाव और नाविकों की सुरक्षा को देखते हुए भारत ने रूस-यूक्रेन संघर्षविराम के लिए 3 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया है:
- ऊर्जा संयंत्रों और बुनियादी ढांचों पर हमले रोके जाएं।
- काला सागर के बंदरगाहों से अनाज और ऊर्जा की सुरक्षित आवाजाही बनी रहे।
- वाणिज्यिक जहाजों पर हमले तुरंत बंद हों।
रूस ने भारत के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए इस पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
