Yuva India: पंजाब में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस एक बेहद आधुनिक और तकनीक-आधारित व्यवस्था तैयार कर रही है। अब राज्य की सड़कों, बाजारों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में यदि किसी वांछित गैंगस्टर का चेहरा सामने आता है, तो पुलिस कंट्रोल रूम को उसकी करंट लोकेशन का तुरंत अलर्ट मिल जाएगा। इसके साथ ही, किसी वारदात में इस्तेमाल होने वाली संदिग्ध गाड़ी का नंबर कैमरे में आते ही उसकी आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड भी खंगाला जा सकेगा।
डिजिटल होंगी एफआईआर और रिकॉर्ड
पंजाब पुलिस फेस रिकग्निशन, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित वीडियो एनालिटिक्स को एक एकीकृत डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके तहत जिला कंट्रोल रूम, थानों और सीसीटीवी नेटवर्क को एक ही मंच पर लाया जाएगा।
अभी तक किसी एक अपराधी के खिलाफ अलग-अलग जिलों में दर्ज एफआईआर और पुराने मामलों का रिकॉर्ड अलग-अलग थानों में बिखरा रहता है। लेकिन प्रस्तावित एआई-आधारित स्ट्रक्चर्ड डेटा सिस्टम के आने से आरोपी का नाम या अधिकृत पहचान संबंधी विवरण डालते ही उससे जुड़े सभी उपलब्ध आपराधिक मामले, जांच रिकॉर्ड, वाहन और संपर्कों से जुड़ी जानकारियां एक ही जगह पर मिल सकेंगी।
संवेदनशील आयोजनों में बढ़ेगी निगरानी
एआई वीडियो एनालिटिक्स की मदद से बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में अचानक भीड़ बढ़ने या किसी असामान्य गतिविधि का तुरंत पता लगाने की योजना है। अलर्ट मिलने पर पुलिस तुरंत अतिरिक्त बल भेजने और ट्रैफिक डायवर्ट करने का निर्णय ले सकेगी। आगामी विधानसभा चुनावों में रैलियों, रोड शो और अन्य संवेदनशील आयोजनों की सुरक्षा और निगरानी में भी इस आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो सकेगा।
