Tata Motors ने 41,360 करोड़ रुपये में खरीदी Iveco, दुनिया की बड़ी कमर्शियल व्हीकल कंपनियों में होगी शामिल
Yuva India: टाटा मोटर्स ने इटली की कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी Iveco Group के अधिग्रहण की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 3.91 अरब यूरो के इस सौदे में Iveco के शेयरधारकों ने बड़ी संख्या में अपने शेयर बेचने की पेशकश की है। इससे टाटा मोटर्स को कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और वैश्विक कमर्शियल वाहन बाजार में मजबूत स्थिति बनाने का रास्ता मिल गया है।
सौदे का मूल्य भारतीय मुद्रा में करीब 41,360 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। हालिया विनिमय दर के आधार पर इसकी कीमत लगभग 42,500 करोड़ रुपये भी बताई गई है। यह टाटा समूह के बड़े विदेशी अधिग्रहणों में से एक है। इस सौदे से टाटा मोटर्स को यूरोप के ट्रक और बस बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
87.81 प्रतिशत शेयरों के लिए मिली मंजूरी
टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी TML CV Holdings B.V. ने Iveco के शेयर खरीदने के लिए टेंडर ऑफर पेश किया था। 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त हुई शुरुआती अवधि में 23.81 करोड़ से अधिक शेयरों की पेशकश की गई, जो Iveco की कुल सामान्य शेयर पूंजी का करीब 87.81 प्रतिशत है।
कंपनी के अपने शेयरों को छोड़कर यह हिस्सेदारी करीब 89.42 प्रतिशत बैठती है। इस तरह टाटा मोटर्स ने अधिग्रहण के लिए जरूरी 80 प्रतिशत की न्यूनतम सीमा पार कर ली है। यह परिणाम सौदे को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शेयर खरीदने की पेशकश के तहत कीमत बढ़ाकर 14.40 यूरो प्रति शेयर की गई थी। इससे पहले प्रस्तावित कीमत 14.10 यूरो प्रति शेयर थी। टाटा मोटर्स ने अक्टूबर में प्रति शेयर 0.30 यूरो की बढ़ोतरी की थी।
30 अक्टूबर को भुगतान, नवंबर में फिर मिलेगा मौका
टेंडर ऑफर के तहत शेयर बेचने की पेशकश करने वाले शेयरधारकों को भुगतान 30 अक्टूबर 2026 को किया जाना निर्धारित है। वहीं, जिन शेयरधारकों ने शुरुआती अवधि में अपने शेयर नहीं दिए, उनके लिए 2 से 6 नवंबर तक पांच कारोबारी दिनों की अतिरिक्त अवधि खोले जाने की योजना है। इस अवधि में शेयर देने वालों को भुगतान 13 नवंबर को किया जाना निर्धारित है। ये प्रक्रियाएं संबंधित शर्तों और अंतिम नतीजों के अधीन हैं।
टाटा मोटर्स को क्या फायदा होगा?
Iveco के अधिग्रहण से टाटा मोटर्स को यूरोप सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी। Iveco ट्रक, बस और हल्के कमर्शियल वाहनों के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी की मौजूदगी कई देशों में है और उसका उत्पाद पोर्टफोलियो टाटा मोटर्स के लिए नए बाजारों के दरवाजे खोल सकता है।
इस अधिग्रहण से टाटा मोटर्स को बड़े ट्रकों, बसों और अन्य व्यावसायिक वाहनों के क्षेत्र में तकनीक, उत्पादों और वितरण नेटवर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। दोनों कंपनियों की क्षमताएं एक साथ आने से नए उत्पाद विकसित करने और अलग-अलग बाजारों की जरूरतों के अनुसार वाहन उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ सकते हैं।
हालांकि, सौदे के बाद दोनों कंपनियों के कारोबार को एकीकृत करना, अलग-अलग बाजारों के नियमों का पालन करना और लागत को नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण होगा।
Iveco का डिफेंस कारोबार सौदे में शामिल नहीं
इस अधिग्रहण का एक अहम पहलू यह है कि Iveco का रक्षा कारोबार इस सौदे में शामिल नहीं है। अधिग्रहण से पहले रक्षा कारोबार को अलग करने की शर्त रखी गई थी। इसलिए टाटा मोटर्स का प्रस्ताव मुख्य रूप से Iveco के कमर्शियल वाहन कारोबार पर केंद्रित है।
टाटा समूह के लिए दूसरा बड़ा विदेशी अधिग्रहण
टाटा समूह पहले भी विदेशों में बड़े अधिग्रहण कर चुका है। वर्ष 2007 में टाटा स्टील ने कोरस का अधिग्रहण किया था, जो समूह के प्रमुख विदेशी सौदों में गिना जाता है। Iveco का अधिग्रहण टाटा मोटर्स की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, Iveco में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी बढ़ने से भारतीय वाहन निर्माता को वैश्विक कमर्शियल वाहन बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा। अब बाजार की नजर सौदे की शेष प्रक्रियाओं, भुगतान और दोनों कंपनियों के कारोबार को आगे एकीकृत करने की योजना पर रहेगी।
